Saturday, March 11, 2023

पहाड़ों की रानी _ मसूरी _ 2.

ज़र्रे-ज़र्रे में, दर्रे-दर्रे में है फूलों का असर,
जाती भी नहीं जहाँ सैलानियों की नज़र।
जिनकी हम तो अमूमन लेते ही हैं ख़बर,
आँखों के रास्ते मन में बसाते हैं अक़्सर।
.. बस यूँ ही ... 🙂




 















 



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