कल शाम .. अपने नए प्रवास (देहरादून) वाले घर के बाहर से .. बस यूँ ही ...
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मुस्कुराइए कि आप ... भाग - १.
हाल ही में चिलचिलाती आतप जनित गर्मी में निजी कारणों से गोरखपुर जाकर और गोरखपुर से देहरादून भाया लखनऊ वापसी में बस एक दिन, वो भी सुबह से शाम ...
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कल शाम .. अपने नए प्रवास (देहरादून) वाले घर के बाहर से .. बस यूँ ही ...
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ज़र्रे-ज़र्रे में, दर्रे-दर्रे में है फूलों का असर, जाती भी नहीं जहाँ सैलानियों की नज़र। जिनकी हम तो अमूमन लेते ही हैं ख़बर, आँखों के रास्ते मन...


नया ब्लॉग ...बहुत सुंदर तस्वीरें हैं।
ReplyDeleteऔर भी शेयर करियेगा।
जी ! नमन संग आभार आपका ...
Deleteसौंदर्य को निहारने के लिए एक सूक्ष्म दृष्टि दरकार है।बहुत सुन्दर चित्र हैं सुबोध जी।नये ब्लॉग की ढेरों शुभकामनाएं और बधाई 🙏🌺🌺
ReplyDeleteजी ! नमन संग आभार आपका ...
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